The Ultimate Guide To Reprogram Subconscious Mind






सुमति की अलमारी में अब तो उस की साइज़ और फिटिंग के कपड़ो से भरी पड़ी थी. उसके कपड़ो का कलेक्शन बहुत ही सुन्दर दिख रहा था, पर उसे समझ नहीं आ रहा था कि क्या पहने? इतने कपड़ो में ढूंढते हुए उसे बड़ा समय लग जाएगा. आज का मौका ऐसा था कि साड़ी पहनना ही बेस्ट होगा, सो वो अपनी साड़ियों के कलेक्शन में साड़ी देखने लगी. अब शौपिंग में उसे धुप में खूब चलना तो पड़ेगा ही, आखिर दुल्हन की शौपिंग है, एक दूकान में थोड़ी ही हो जायेगी?

महाराज साहब—वह कौन आदमी है, तुम्हे उसे बतलाना होगा।

सुमति का गुस्सा तो बढ़ता ही जा रहा था. उसके हाथ काँप रहे थे जब वो अपने स्तनों को अपनी साड़ी से छुपाने की कोशिश कर रही थी. आज से पहले उसके लिए ये परिस्थिति कभी आई नहीं थी. पर एक अनजान आदमी की अनुपस्थिति में शायद वो थोड़ी डरी हुई थी. “क्या हुआ, सुमति? ये मैं हूँ. चैतन्य! मुझसे क्या शर्माना. अब तो एक महिना भी नहीं बचा है जब हम दोनों के बीच की सारी दीवारे ढह जाएँगी.

‘Everybody is viewed as trapped in their very own private bubble, in frequent want of affirmation and recognition.’

Exhibiting navel when donning a saree or simply a lehenga might be such a tease. And we girls know it! Explain to us do you prefer to point out your navel or cover it when wearing a saree?

wikiHow Contributor Indeed it is. Meditation is largely concentrating your Mind on a particular matter. If you target oneself on God/the universe/the next consciousness/peace, and many others., even though stating your prayers, Then you definately are meditating,

‘Your Canine need to respond to your dominance which has a submissive gesture, that is halting the undesired conduct then licking their lips or seeking instantly at you to seek affirmation.’

"I am able to now start off to visualise the potential of the items I would like to realize in my lifetime!" JP Jahnavi Pandey

‘Audience will experience the enjoy and reverence Walter Mosley has crafted into this encouragement affirmation of all humanity.’

महाराजा साहब ने उसकी तरफ़ आश्चर्य से देखा और बोले—यह कौन औरत है? सब लोग मेरी ओर प्रश्न-भरी आंखों से देखने लगे और मुझे भी उस वक्त यही ठीक मालूम हुआ कि इसका जवाब मैं ही दूं वर्ना फूलमती न जाने क्या आफत ढ़ा दे। लापरवाही के अंदाज से बोला—इसी बाग के माली की लड़की है, यहां फूल तोड़ने आयी होगी। फूलमती लज्जा और भय के मारे जमीन में धंसी जाती थी। महाराजा साहब ने उसे सर से पांव तक गौर से देखा और तब संदेहशील भाव से मेरी तरफ देखकर बोले—यह माली की लड़की है?

Believe in on your own and all you are able to be and Permit your subconscious mind guide you. Allow me to know what you think. Do you are feeling your programing is holding you again? What Have you ever carried out to change it?

Shut! Your stream of consciousness writing is a chance To find out more about yourself And exactly how you're feeling. Are available ready to open up your mind, but check here Will not strategy out what you are going to say until finally you obtain there. There are actually other elements you also want to recall, nevertheless. Check out One more respond to...

सुमति को पता नहीं था कि इस नए रूप में भाई को गले लगाना किस तरह ठीक रहेगा. किसी तरह फिर भी उसने आगे बढ़ भाई को सीने से लगा लिया.

“हां माँ! तुम ज़रा अपनी फेमस सलाद तैयार कर दोगी?”, सुमति ने मधु से कहा. “ओह, तो मैं सिर्फ सलाद बनाने के लिए याद आ रही थी तुम्हे? अच्छा तुम दोनों इतना कहती हूँ तो मैं मना कहाँ कर सकती हूँ. हाय ये माँ होना भी न आसान नहीं होता. बेटी कितनी भी बड़ी हो जाए अपनी माँ से काम करवाती ही रहती है”, मधुरिमा हमेशा की तरह एक मजबूर माँ का ड्रामा करती रही. पर सच में वो सिर्फ प्यार से सुमति को छेड़ रही थी. मधु ने फ्रिज से सलाद का सामान निकाला और धम-धम करती अपने पैरो की पायल को बजाती हुई सोफे पर धम्म से जाकर बैठ गयी.

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